जहरीले पानी से 15 मौतों के बाद सरकार का एक्शन, एडिशनल कमिश्नर और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सस्पेंड
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों के मामले में राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाया है. नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव को पद से हटा दिया गया है. अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और पीएचई के अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड किया गया है. सरकार ने साफ किया है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी.

भोपाल/इंदौर. भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से हुई मौतों के बाद आखिरकार मोहन सरकार ने नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को पद से हटाने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सोशल मीडिया पोस्ट ने इस कार्रवाई को सार्वजनिक किया है. सीएम मोहन यादव ने कहा है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, सरकार कड़े एक्शन ले रही है. इससे पहले सरकार ने दो बड़े अफसरों को सस्पेंड कर दिया था. सीएम मोहन यादव ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि इंदौर में दूषित पेयजल प्रदाय से हुई दुखद घटना के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के उपरांत प्रदेश के अन्य स्थानों के लिए भी हम सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं. इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए हैं.
सीएम ने कहा कि इस दृष्टि से सभी 16 नगर निगमों के महापौर, अध्यक्ष तथा आयुक्त एवं जिला कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग, नगरीय विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग व अन्य संबंधित मुख्यालय स्तर के अधिकारियों की आज सायं वर्चुअल बैठक बुलाई है, जिसमें पूरे प्रदेश की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे. भागीरथपुरा की जल त्रासदी ने इंदौर की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे. दूषित पानी पीने से लोग बीमार हुए. कुछ की मौत भी हुई. विपक्ष से लेकर आम जनता तक प्रशासनिक जवाबदेही की मांग कर रही थी. पहले अपर आयुक्त और पीएचई के अधिकारी पर कार्रवाई हुई. इसके बाद देर शाम नगर निगम कमिश्नर को हटाने का फैसला लिया गया है.

किन अधिकारियों पर गिरी गाज
सरकार ने एक साथ तीन बड़े प्रशासनिक फैसले लिए
- नगर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव को पद से हटाया गया
- नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को सस्पेंड किया गया
- पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया
- इन अधिकारियों पर दूषित जल आपूर्ति और निगरानी में गंभीर लापरवाही के आरोप हैं. माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट और फील्ड इनपुट के बाद यह कार्रवाई की गई है.
तुरंत इस्तीफा दो, भागीरथपुरा के नाराज लोगों का गुस्सा फूटा
भागीरथपुरा के गुस्साए लोगों ने कहा है कि मौत के लिए जिम्मेदार कौन हैं, इसके लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते. यहां 15 लोगों की मौत पर मंत्री और महापौर के खिलाफ रहवासियों का गुस्सा फूटा. रहवासियों ने नैतिकता के आधार पर महापौर और मंत्री से इस्तीफा मांगा और कहा कि जान की कीमत 2 लाख नहीं हो सकती है.





