दुनिया में कुछ ऐसे देश भी हैं, जहां की जेलें इतनी आलीशान और हाईटेक सुविधाओं से लैस हैं कि उन्हें देख कर ऐसा लगता है जैसे कोई लग्जरी होटल हो। इंडोनेशिया की एक महिला जेल में तो कैदियों को एसी, रेफ्रिजरेटर और यहां तक कि कराओके मशीन जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। यही नहीं, वहां नेल सैलून जैसी सेवाएं भी मौजूद हैं, हालांकि इन सेवाओं के लिए कैदियों को पैसे चुकाने होते हैं।
दूसरी ओर, नॉर्वे की बास्टॉय जेल को दुनिया की सबसे लग्जरी जेलों में गिना जाता है। यहां कैदियों को मछली पकड़ने, घुड़सवारी और टेनिस खेलने की अनुमति है। वे खुले में धूप भी सेंक सकते हैं और उन्हें कई तरह की व्यक्तिगत स्वतंत्रता दी जाती है। स्कॉटलैंड की एचएमपी एडीवेल जेल भी इस सूची में शामिल है, जहां कैदियों को आरामदायक बिस्तर दिए जाते हैं और उन्हें नई स्किल्स सिखाई जाती हैं ताकि वे जेल से बाहर निकलने के बाद आत्मनिर्भर बन सकें। वहीं, न्यूजीलैंड की ओटांगो जेल में कैदियों को डेयरी फार्मिंग और अन्य रचनात्मक कार्य करने की अनुमति है।
यहां एक सुंदर और साफ-सुथरी मेस भी मौजूद है, जहां कैदी सम्मानपूर्वक भोजन करते हैं। स्विट्जरलैंड की बोस्टन डेल जेल तो इस मामले में सबसे आगे है। इस जेल में हर कैदी को एक निजी कमरा दिया जाता है और उनकी रिहाई से पहले उन्हें एक चुने हुए डिग्री प्रोग्राम को पूरा करना होता है। इससे उन्हें बाहर की दुनिया में फिर से कदम रखने में आसानी होती है। ये सारी व्यवस्थाएं यह दिखाती हैं कि जेल को सुधारगृह के रूप में देखा जा सकता है, जहां कैदी सज़ा के साथ-साथ अपने जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं।
मालूम हो कि जब भी जेल की बात होती है, तो ज़ेहन में एक अंधेरी और गंदी सी कालकोठरी की छवि बनती है, जिसमें कैदी मुश्किल हालातों में रहते हैं। आम धारणा यही है कि जेल में न तो अच्छा खाना मिलता है और न ही कोई सुविधा। यही कारण है कि जेल का नाम सुनते ही डर लगने लगता है।





