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सुपर फूड गुड़ : जानिए फायदे और शुद्धता पहचानने के तरीके

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           डॉ. श्रेया पाण्डेय 

गन्ने से चीनी बनती है। चीनी से चाय,कॉफी और ना जाने क्या क्या। लेकिन गन्ने से ही एक और चीज बनती है। वह है गुड़। अंग्रेजी में इसे Jaggery कहते हैं। पता नहीं महानगर के जीवनशैली में गुड़ का इस्तेमाल अब भी कितना शामिल है लेकिन कस्बाई और ग्रामीण जिंदगियों में अब भी इसकी महत्ता है, बची हुई है। 

     ये केवल परंपरा या संस्कृति की वजह से नहीं है, बल्कि गुड़ के अंदर मौजूद पोषक तत्वों की वजह से ऐसा है। पाचन से लेकर शरीर की कमजोरी दूर करने तक, गुड़ सारे काम में शरीर की मदद करता है।

इसलिए है गुड़ सुपरफूड :

*1. पाचक :*

अगर आप गुड़ नियमित खाते हैं तो आपका पाचन तंत्र मजबूत बना रहेगा और अपना काम सही ढंग से करता रहेगा। इसके अलावा पेट की सफाई में भी गुड़ का रोल अहम है।

     आपने बड़े बुजुर्गों को अक्सर कहते हुए सुना होगा कि खाने के बाद गुड़ खाना फायदेमंद है। वह इसीलिए कि गुड़ पाचन और पेट साफ करने के लिए सबसे बेहतर चीज है।

*2. रक्तवर्धक :*

गुड़ में आयरन की अच्छी मात्रा होती है जो खून की कमी को दूर करने में मदद करती है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग की एक रिपोर्ट के अनुसार गुड़ में मिलने वाला आयरन शरीर आराम से अवशोषित कर सकता है, बजाय किसी और खाने में मिलने वाले आयरन के। इसीलिए ये अनीमिया जैसी दिक्कतों को दूर करता है। गुड़ खाने से खून में हीमोग्लोबिन का स्तर भी ठीक रहता है।

*3. ऊर्जा दायक :*

गुड़ में नेचुरल शुगर होती है, जो शरीर को तुरंत एनर्जी दे सकती है। ताजगी के लिए या थकान दूर करने के लिए भी गुड़ बेहतर विकल्प है। अपने अंदर मिलने वाले नेचुरल शुगर की वजह से गुड़ शरीर का कोलेस्ट्रॉल कम करने में भी मदद करता है। इसीलिए हाई कोलेस्ट्रॉल वाले मरीजों को डॉक्टर चीनी नहीं गुड़ खाने की सलाह देते हैं।

*4. त्वचा निखार :*

गुड़ में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो त्वचा को जवान और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। यह शरीर से टॉक्सिक एलीमेंट्स को दूर करने में मदद करता है। नतीजतन, त्वचा में चमक बढ़ती है और त्वचा दाग-धब्बों से भी बची रहती है।

*5. वजन कंट्रोलर :*

गुड़ खाना आपके वजन को कंट्रोल करने में भी मदद करता है। यह शरीर में फैट बर्न करने में मदद करता है और बार बार भूख लगने से रोकता है।

*6. मानसिक स्वास्थ्य वर्धक :*

    गुड़ में मौजूद मैग्नीशियम, सेलेनियम और फास्फोरस जैसे एलीमेंट्स मेंटल हेल्थ के लिए भी फायदेमंद हैं। अपने इन्हीं एलीमेंट्स के कारण गुड़ स्ट्रेस कम करने में सक्षम है। अगर आपको किसी बात को लेकर चिंता या तनाव हो, तो गुड़ ट्राय करना आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन है।

*7. रक्त शोधक :*

गुड़ खून को साफ करने में भी मदद कर सकता है। ये हमारे शरीर से नुकसानदायक चीजों को बाहर निकालता है, जिससे खून साफ रहता है और स्किन पिंपल्स, दाने या मुहासे जैसी समस्याएं कम होती हैं।

*गुड़ की शुद्धता कैसे चेक करें?*

ऐसी कोई चीज नहीं है जो इस वक्त बाजार या यूं कहें बाजरवाद से प्रभावित नहीं है। गुड़ इससे अछूता कैसे रह सकता है। चीनी मिलों के जमाने खत्म होते जा रहे हैं और गुड़ बनाने के छोटे छोटे उपक्रम भी।

    इनकी जगह अब बड़े खिलाड़ी मैदान में हैं जो फायदे के लिए ग्राहकों के स्वास्थ्य से समझौता करने में जरा भी नहीं हिचकते। ऐसे में हमारी मजबूरी भी है और एक तरह से दायित्व भी कि हम सही और शुद्ध चीज खरीदें।

     लेकिन गुड़ ठीक है, शुद्ध है या मिलावटी नहीं है, इसकी पहचान हम कैसे करेंगे? 

*1. पानी में घोलें :*

गुड़ की शुद्धता जांचने का सबसे आसान तरीका है, उसे पानी में घोलकर देखना। एक गिलास पानी लें और उसमें थोड़ा सा गुड़ डाल लें। शुद्ध गुड़ आसानी से पानी में घुल जाएगा और पानी साफ रहेगा। 

    अगर गुड़ में मिलावट है, तो वह पानी में ठीक से नहीं घुलेगा और उसमें गंदगी दिखेगी। 

*2. रंग परखें :*

शुद्ध गुड़ का रंग हल्का भूरा या सुनहरा हो सकता है। अगर गुड़ में मिलावट है तो उसका रंग गहरा और बनावट चिपचिपा हो सकता है।

      शुद्ध गुड़ की महक आपको ताजी लगेगी जबकि मिलावटी गुड़ में केमिकल की महक भी आ सकती है। 

*3. फोड़ने पर आवाज :*

बचपन में हम गाँव में जब गुड़ लेने जाते थे तो कई बार दुकानदार उसे तोलते वक्त अपने बटखरे (तोलने के लिए रखा गया वजन) से गुड़ के टुकड़े कर देते थे। तब हाइजीन की बात नहीं पता थी, लेकिन गुड़ के फूटते ही एक आवाज आती थी। वह आवाज भी शुद्धता का एक मानक है। 

    गुड़ अगर शुद्ध है तो उसको फोड़ने पर एक ठोस आवाज आएगी लेकिन अगर गुड़ में मिलावट है तो वह दबता चला जाएगा लेकिन फूटेगा नहीं। इसके अलावा आप उसे जितना फोड़ने का प्रयास करेंगे, वह चिपचिपा होता जाएगा।

*4. आग पर टेस्ट :*

गुड़ को चेक करने का यह तरीका  बहुत प्राकृतिक है। दरअसल गुड़ बनता भी ऐसे ही है। आप इसी प्रोसेस को रिवर्स कर के गुण को परख सकते हैं। गुड़ को आप आग पर रख कर पिघलाइए। अगर गुड़ पिघल रहा है और उसमें कोई केमिकल की महक नहीं आ रही है तो फिर गुड़ शुद्ध है।

    लेकिन अगर गुड़ में मिलावट है तो वह पिघलने से ज्यादा भाप या ज्यादा बेहतर शब्द है धुआँ, वो करेगा और केमिकल की महक भी आ सकती है।

और अंत में एक जरूरी चेतावनी भी, जो हर खाने-पीने वाली चीजों के साथ नत्थी की जा सकती है। वो ये कि गुड़ स्वास्थ्य के लिए बेशक फायदेमंद है लेकिन इसे ज्यादा नहीं खाना है क्योंकि सबसे पहले तो ये आपकी दांतों के सेहत पर असर डालेगा।    

      इसके अलावा ज्यादा खाने से शरीर में आयरन का अधिक होना भी शरीर के लिए बिल्कुल ठीक नहीं। और हाँ, हमने जो भी तरीके बताएं हैं गुड़ को परखने के, उसे आजमा कर ही गुड़ खाइए क्योंकि अशुद्ध चीजें खाने से बेहतर उन्हें ना खाना ही है। कुछ नहीं से कुछ अच्छा वाला फॉर्मूला, खाने में अप्लाई मत करिएगा।

Ramswaroop Mantri

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