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ताजा समाचार:वेस्टइंडीज से 7 साल बाद सीरीज हारी टीम इंडिया:अमेरिका के जंगलों में बीते 100 साल की सबसे भयानक आग; नूंह में फिर निकलेगी ब्रजमंडल यात्रा

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स्वतंत्रता दिवस से पहले रविवार को देशभर में तिरंगा यात्रा का आगाज हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से हर घर तिरंगा फहराने और सोशल मीडिया अकाउंट की डिस्प्ले पिक्चर यानी DP में तिरंगे की तस्वीर लगाने की अपील की। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की डीपी में भी राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीर लगाई है। राजधानी दिल्ली में लाल किले में आजादी के इस पर्व की फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। इस दौरान वायुसेना के ध्रुव हेलिकॉप्टरों से तिरंगे पर फूल बरसाए गए। दिल्ली में 12 जगहों पर सरकार की अलग अलग स्कीम से जुड़े सेल्फी पॉइंट भी बनाए गए हैं।

आज के प्रमुख इवेंट्स

  1. चंद्रयान-3 तीसरी बार अपनी ऑर्बिट घटाकर चंद्रमा के और करीब पहुंचेगा। इसका लैंडर 17 अगस्त को प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग होगा, जो 23 अगस्त को चांद पर उतरेगा।
  2. भारत-चीन के बीच कोर कमांडर लेवल पर 19वें दौर की बातचीत होगी। पूर्वी लद्दाख सेक्टर के चुशुल-मोल्दो मीटिंग पॉइंट पर होने वाली बातचीत में भारत का जोर देपसांग और डेमचोक इलाके से सेना हटाने पर होगा।

5 मैचों की टी-20 सीरीज में पहली बार हारा भारत; आखिरी मैच में विंडीज ने 8 विकेट से हराया

वेस्टइंडीज ने 5 मैचों की टी-20 सीरीज का आखिरी मुकाबला जीतकर सीरीज 3-2 से अपने नाम कर ली। कैरेबियंस ने आखिरी मुकाबले में भारत को 8 विकेट से हराया। टीम इंडिया ने बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट पर 165 रन बनाए। जवाब में कैरेबियाई बल्लेबाजों ने 18 ओवर में 2 विकेट पर टारगेट हासिल कर लिया। टी-20 क्रिकेट के इतिहास में भारत ने पहली बार 5 मैचों की द्विपक्षीय सीरीज गंवाई है।

 ये तीनों फॉर्मेट को मिलाकर 7 साल बाद पहला मौका है, जब कैरेबियाई टीम ने किसी सीरीज में भारत को हराया है। इससे पहले वेस्टइंडीज ने हमें 2016 में 2 मैचों की सीरीज में 1-0 से हराया था। इतना ही नहीं, टीम इंडिया कैरेबियंस के खिलाफ लगातार 15 बाइलेटरल सीरीज जीतने के बाद किसी सीरीज में हारी है।

सूर्या की फिफ्टी से भारत ने बनाए 165 रन, शेफर्ड को चार सफलताएं
फ्लोरिडा के लॉडरहिल स्थित क्रिकेट ग्राउंड पर टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट पर 165 रन बनाए। सूर्यकुमार यादव ने 61 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने टी-20 इंटरनेशनल करियर की 15वीं फिफ्टी जमाई। सूर्या के अलावा तिलक वर्मा ने 18 बॉल पर 27 रनों की पारी खेली। वर्मा ने इस पारी में तीन चौके और दो छक्के जमाए।

विंडीज की ओर रोमारियो शेफर्ड ने चार विकेट लिए। अकील हुसैन और जेसन होल्डर को दो-दो विकेट मिले।

सूर्यकुमार ने जमाया 15वां अर्धशतक
भारत के स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने टी-20 इंटरनेशनल का 15वां शतक जमाया। सूर्या ने 45 बॉल में 61 रन की पारी खेली। इसमें 4 चौके और 3 छक्के शामिल रहे।

. मणिपुर हिंसा के 9 और मामलों की जांच CBI करेगी; जांच एजेंसी के पास अब 17 केस
CBI मणिपुर हिंसा से जुड़े 9 और मामलों की जांच करेगी। जांच एजेंसी के पास फिलहाल 8 मामले थे। अब कुल 17 केस हो जाएंगे। इसमें मणिपुर में महिलाओं के यौन उत्पीड़न से जुड़े दो मामले भी शामिल हैं।

 मणिपुर हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 3-5 मई के बीच 59 लोग, 27 से 29 मई के बीच 28 लोग और 13 जून को 9 लोगों की हत्या हुई थी। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि मणिपुर में 6,523 FIR दर्ज की गई हैं। इनमें से 11 केस महिलाओं और बच्चों की हिंसा से जुड़े हैं।

अधिकारियों का कहना है कि CBI के पास और केस भी आ सकते हैं। इसमें खासकर महिलाओं के साथ हुए उत्पीड़न, कुकी महिला के वायरल वीडियो के मामले शामिल होंगे। इसके अलावा 9 अगस्त को मैतेई महिला से गैंगरेप का मामला सामने आया था। इसकी जांच भी CBI को दी जा सकती है।

दरअसल, राज्य में कुकी और मैतेई समुदाय के बीच 3 मई से जारी हिंसा में 160 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि मणिपुर में 6523 FIR दर्ज की गई हैं। इनमें से 11 केस महिलाओं और बच्चों की हिंसा से जुड़े हैं।

CBI को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा
अधिकारियों ने कहा कि राज्य में समाज जातीय आधार पर बंटा हुआ है, ऐसे में जांच एजेंसी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। CBI पर पक्षपात का आरोप भी लग सकता है कि वो एक समुदाय से मिली हुई है। ऐसे में बेहद गंभीरता के साथ आगे की जांच की जा रही है।

SIT की 42 टीमें हिंसा के मामलों की जांच करेंगी
सुप्रीम कोर्ट ने 7 अगस्त को कहा था कि मणिपुर में हिंसा से जुड़े मामलों की 42 स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीमें (SIT) जांच करेंगी। इन SIT के काम की निगरानी DIG रैंक का अफसर करेगा। ये अफसर मणिपुर के बाहर का होगा। DIG रैंक का एक अफसर 6 SIT की निगरानी करेगा। इन SIT की जिले के आधार पर नियुक्ति होगी।

यह तस्वीर 13 जून की है। इस दिन मणिपुर में कई जगहों पर कुकी लोगों ने मैतई अफसरों और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था।

यह तस्वीर 13 जून की है। इस दिन मणिपुर में कई जगहों पर कुकी लोगों ने मैतई अफसरों और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था।

मणिपुर में मैतेई महिला से 3 मई को गैंगरेप, 9 अगस्त को FIR
मणिपुर के चुराचांदपुर की एक मैतेई महिला ने कुकी समुदाय के लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाया है। घटना 3 मई की है, पुलिस ने 9 अगस्त को FIR दर्ज की है। महिला ने पुलिस को बताया कि उपद्रवियों ने उसके घर में आग लगा दी थी। विरोध करने पर गैंगरेप किया। समाज के डर से उसने अब तक अपने साथ हुई हैवानियत के बारे में किसी से बात नहीं की थी।

मणिपुर हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा मौतें
मणिपुर हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 3-5 मई के बीच 59 लोग, 27 से 29 मई के बीच 28 लोग और 13 जून को 9 लोगों की हत्या हुई थी। 16 जुलाई से लेकर 27 जुलाई तक हिंसा नहीं हुई थी।

4 पॉइंट्स में जानिए, मणिपुर हिंसा की वजह…
मणिपुर की आबादी करीब 38 लाख है। यहां तीन प्रमुख समुदाय हैं- मैतेई, नगा और कुकी। मैतेई ज्यादातर हिंदू हैं। नगा-कुकी ईसाई धर्म को मानते हैं। ST वर्ग में आते हैं। इनकी आबादी करीब 50% है। राज्य के करीब 10% इलाके में फैली इंफाल घाटी मैतेई समुदाय बहुल ही है। नगा-कुकी की आबादी करीब 34 प्रतिशत है। ये लोग राज्य के करीब 90% इलाके में रहते हैं।

कैसे शुरू हुआ विवाद: मैतेई समुदाय की मांग है कि उन्हें भी जनजाति का दर्जा दिया जाए। समुदाय ने इसके लिए मणिपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई। समुदाय की दलील थी कि 1949 में मणिपुर का भारत में विलय हुआ था। उससे पहले उन्हें जनजाति का ही दर्जा मिला हुआ था। इसके बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से सिफारिश की कि मैतेई को अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल किया जाए।

मैतेई का तर्क क्या है: मैतेई जनजाति वाले मानते हैं कि सालों पहले उनके राजाओं ने म्यांमार से कुकी काे युद्ध लड़ने के लिए बुलाया था। उसके बाद ये स्थायी निवासी हो गए। इन लोगों ने रोजगार के लिए जंगल काटे और अफीम की खेती करने लगे। इससे मणिपुर ड्रग तस्करी का ट्राएंगल बन गया है। यह सब खुलेआम हो रहा है। इन्होंने नगा लोगों से लड़ने के लिए आर्म्स ग्रुप बनाया।

नगा-कुकी विरोध में क्यों हैं: बाकी दोनों जनजाति मैतेई समुदाय को आरक्षण देने के विरोध में हैं। इनका कहना है कि राज्य की 60 में से 40 विधानसभा सीट पहले से मैतेई बहुल इंफाल घाटी में हैं। ऐसे में ST वर्ग में मैतेई को आरक्षण मिलने से उनके अधिकारों का बंटवारा होगा।

सियासी समीकरण क्या हैं: मणिपुर के 60 विधायकों में से 40 विधायक मैतेई और 20 विधायक नगा-कुकी जनजाति से हैं। अब तक 12 CM में से दो ही जनजाति से रहे हैं।

नूंह में हिंसा के बाद फिर निकलेगी ब्रजमंडल यात्रा; हिंदू महापंचायत ने लिया फैसला

तस्वीर पलवल में हुई हिंदू महापंचायत की है।

तस्वीर पलवल में हुई हिंदू महापंचायत की है।

हरियाणा के पलवल में हुई हिंदू महापंचायत में फैसला लिया गया है कि नूंह में फिर ब्रजमंडल यात्रा निकाली जाएगी। इसके लिए 28 अगस्त का दिन तय किया गया है। हालांकि तारीख आगे-पीछे भी की जा सकती है।

 नूंह में 31 जुलाई को ब्रजमंडल यात्रा के दौरान हिंसा भड़की थी। इसके बाद शहर में हिंसा और आगजनी हुई, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी। हिंदू महापंचायत ने नूंह दंगों में मारे गए लोगों के परिवारों को एक-एक करोड़ का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

31 जुलाई को इसी यात्रा के दौरान जमकर हिंसा और आगजनी हुई थी। जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा दंगों की जांच NIA से करवाने, नूंह में बसे रोहिंग्या को बाहर निकालने और फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस MLA मामन खान को भी तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की गई।

महापंचायत में पहुंचे गुरुग्राम जिले की सोहना विधानसभा सीट के BJP MLA संजय सिंह ने अधूरी रह गई ब्रजमंडल यात्रा को दोबारा शुरू करने का मुद्दा उठाया था।

महापंचायत की 4 प्रमुख मांगें

1. महापंचायत में सर्वसम्मति से गठित 51 लोगों की कमेटी ने नूंह दंगों में मारे गए लोगों के परिवारों को एक-एक करोड़ का मुआवजा व सरकारी नौकरी और घायलों को 50-50 लाख रुपए देने की मांग की।

2. नूंह जिले को खत्म करने के साथ-साथ वक्ताओं ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को बदलने की डिमांड भी की।

3. भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव रतन सिंह सोरोत ने कहा कि दंगाइयों पर नूंह में दर्ज किए गए सभी मुकदमों को गुरुग्राम या किसी दूसरे जिले में ट्रांसफर वहां इनकी सुनवाई फास्ट ट्रैक करवाई जाए।

4. रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) या हरियाणा पुलिस की एक बटालियन का हेडक्वार्टर नूंह में ही बनाई जाए। नूंह या आसपास लगते गांवों में रहने वाले परिवार सेल्फ डिफेंस के मकसद से आर्म्स लाइसेंस बनवाना चाहें तो उन्हें नियमों में छूट देकर ज्यादा से ज्यादा आर्म्स लाइसेंस जारी किए जाएं।

हिंदुओं के साथ मुस्लिम पाल ने भी लिया हिस्सा
पलवल में हुई सर्वजातीय हिंदू महापंचायत की अध्यक्षता मेवात के 40 हिन्दू पाल और 12 मुस्लिम पाल के अध्यक्ष चौधरी अरूण जैलदार ने की। महापंचायत में हजारों की संख्या में हिन्दू समाज के लोग पहुंचे हैं। वहीं इस महापंचायत में हरियाणा गौरक्षा दल के उपाध्यक्ष आचार्य आजाद, सोहना के विधायक संजय सिंह, पलवल के पूर्व विधायक सुभाष चौधरी भी शामिल हुए।

5 पाल ने किया बहिष्कार
इससे पहले डागर पाल ने रविवार सुबह इस महापंचायत का बहिष्कार करने का फैसला लिया। डागर पाल के बहिष्कार के साथ रावत, सहरावत, चौहान व तेवतिया पाल के पंचों ने भी अपनी सहमति जताते हुए महापंचायत का बहिष्कार की बात कही। जिसकी पुष्टि डागर पाल के प्रधान चौधरी धर्मबीर डागर ने की है। यह निर्णय डागर पाल के बड़े गांव मंडकोला में पंचायत करके लिया गया।

महापंचायत में VHP, बजरंग दल के लोग, इसलिए साथ नहीं
डागर पाल के प्रधान चौधरी धर्मबीर डागर ने बताया पाल और खापों का कर्तव्य समाज को जोड़ना होता है, न कि तोड़ना। यह जो महापंचायत हुई उसमें विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के लोग हैं। हम चाहते हैं कि अगर महापंचायत होती है तो उसमें हिंदू-मुस्लिम सभी लोग शामिल हो और आपसी भाईचारे और सौहार्द की बात करें। कुछ लोग धार्मिक संगठनों का चोला पहाड़कर समाज को तोड़ना चाहते हैं, जो बिल्कुल गलत है।

महापंचायत में शामिल होने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे।

महापंचायत में शामिल होने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे।

नूंह में नहीं मिली महापंचायत करने की परमिशन
बता दें कि महापंचायत को पहले नूंह में किया जाना था, लेकिन प्रशासन ने कर्फ्यू और माहौल को देख परमिशन नहीं दी, जिसके बाद पलवल की नूंह-पलवल रोड पर पोंडरी गांव में यह महापंचायत हुई। इस महापंचायत में 28 अगस्त को नूंह में ब्रजमंडल यात्रा पूरी कराने का फैसला लिया गया। 31 जुलाई को इसी यात्रा के दौरान नूंह में हिंसा हुई थी।

महापंचायत को लेकर नूंह पुलिस भी पूरी अलर्ट पर रही। इसमें हेट स्पीच देने वालों पर नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र अलर्ट रहा। यहां पर जिस भी वक्ता ने स्पीच दी, उसको खुफिया एजेंसी ने रिकॉर्ड किया है। खुफिया विभाग के अधिकारियों ने महापंचायत से जुड़ी तमाम रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भिजवा दी है।

हिंदू महापंचायत के कारण नूंह और पलवल जिलों के बॉर्डर पर सुबह से ही पुलिस तैनात रही।

हिंदू महापंचायत के कारण नूंह और पलवल जिलों के बॉर्डर पर सुबह से ही पुलिस तैनात रही।

महापंचायत के लिए सुबह से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त
महापंचायत के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नूंह-पलवल बॉर्डर पर नूंह के डीसी धीरेंद्र खड़गटा ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए थे। नूंह-पलवल बॉर्डर के नजदीक किरा गांव में पुलिस ने नाका लगाया था जहां पंचायती राज महकमे के XEN नरेंद्र सिंह कुंडू बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात थे। इसी तरह नूंह के जिला नगर योजनाकार बिनेश कुमार को गंगोली गांव के पास पुलिसबल तैनात करते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया।

राजस्थान करणी सेना के अध्यक्ष को गोली मारी; 4 महीने पहले पद से आरोपी को हटाया था
राजस्थान के उदयपुर में करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष भंवर सिंह सलाडिया पर फायरिंग हुई। उन्हें कमर में गोली लगने के बाद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। भीड़ ने गोली मारने वाले को मौके पर ही पकड़ लिया। उसे पीटा और फिर ​​​​पुलिस के हवाले कर दिया।

आरोपी दिग्विजय सिंह करणी सेना का पूर्व जिला अध्यक्ष रहा है। दिग्विजय और भंवर सिंह के बीच आपसी मतभेद की जानकारी सामने आई है। फिलहाल आरोपी आम आदमी पार्टी से जुड़ा हुआ था। उसे करीब 4 महीने पहले ही करणी सेना के जिलाध्यक्ष पद से हटाया गया था।

यूनिवर्सिटी में संगठन के कार्यक्रम के बाद श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष नाश्ता करने जा रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति दिग्विजय सिंह उनके पास आया। वह बात करने के बहाने साइड में ले गया और भंवर सिंह को गोली मार दी। गोली की आवाज से अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने आरोपी को मौके पर ही पकड़कर पहले पीटा और फिर ​​​​पुलिस के हवाले कर दिया।

श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष भंवर सिंह सलाडिया जिनको कार्यक्रम के दौरान उदयपुर में गोली मारी गई।

श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष भंवर सिंह सलाडिया जिनको कार्यक्रम के दौरान उदयपुर में गोली मारी गई।

कार्यक्रम में मौजूद था आरोपी, खत्म होने का इंतजार कर रहा था
जानकारी के अनुसार, यूनिवर्सिटी में विभिन्न मांगों को लेकर हुए कार्यक्रम में आरोपी दिग्विजय सिंह भी मौजूद था। बताया जा रहा है कि दिग्विजय राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना का पूर्व जिला अध्यक्ष रहा है। दिग्विजय सिंह और भंवर सिंह के बीच आपसी मतभेद भी बताए जा रहे हैं।

पुलिस की मौजूदगी में लोग गोली मारने वाले दिग्विजय सिंह को पीटते रहे।

पुलिस की मौजूदगी में लोग गोली मारने वाले दिग्विजय सिंह को पीटते रहे।

आरोपी रह चुका श्री राजपूत करणी सेना में उदयपुर जिलाध्यक्ष
आरोपी दिग्विजय सिंह राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना में उदयपुर जिलाध्यक्ष रह चुका है। इसके बाद पिछले 3 साल से वह श्री राजपूत करणी सेना में जिलाध्यक्ष था। जिसके प्रदेशाध्यक्ष भंवर सिंह सलाडिया है। आरोपी को करीब 4 महीने पहले ही श्री राजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष पद से हटाया गया था।

बताया जा रहा है कि इसके बाद से ही वह नाराज चल रहा था। उसने प्रदेश पदाधिकारियों के सामने कभी खुलकर नाराजगी व्यक्त नहीं की, लेकिन आज यूनिवर्सिटी में मौका पाकर प्रदेशाध्यक्ष पर फायरिंग कर दी। वर्तमान में आरोपी आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़ा हुआ था।

SP बोले मामले की जांच कर रहे हैं
उदयपुर SP भुवन भूषण यादव ने बताया कि आरोपी श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय कार्यसमिति अध्यक्ष विश्वबंधु राठौड़ ने आरोपी दिग्विजय सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि आरोपी दिग्विजय श्री राजपूत करणी सेना उदयपुर जिला अध्यक्ष के पद पर रहते हुए कई असामाजिक गतिविधियों में लिप्त था। इसी वजह से उसे पद से हटाया गया था। आरोपी ने भंवर सिंह सलाडिया को उदयपुर आने पर देख लेने की धमकी भी दी थी।

उन्होंने बताया कि दिग्विजय सिंह (30) उर्फ भमसा पिता सुरेंद्र सिंह निवासी खेरोदा को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर मारपीट और अवैध शराब तस्करी के विभिन्न थानों में 7 मामले दर्ज है। इनके बीच पद से हटाने का विवाद है या फिर कोई और रहा है। उसको लेकर मामले की जांच कर रहे हैं।

घायल प्रदेशाध्यक्ष का हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है, हालत खतरे से बाहर है। फिलहाल आरोपी के साथ और कौन था, उस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। SP ने बताया कि फायरिंग के बाद वहां मौजूद लोगों ने आरोपी दिग्विजय को बुरी तरह पीटा, जिससे उसके सिर में चोट आई।

करणी सेना के राष्ट्रीय कार्यसमिति अध्यक्ष बोले- हमें कानून पर विश्वास
श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय कार्यसमिति अध्यक्ष विश्व बंधू राठौड़ का कहना है कि घटना के पीछे दिग्विजय सिंह को पद से हटाने के अलावा भी अन्य कारण हो सकते हैं। इस बारे में पुलिस जांच कर रही है। हमें कानून पर विश्वास है। मैं प्रशासन से यही कहना चाहता हूं कि इस मामले में निष्पक्ष और बिना दबाव के जांच की जाए। मैं नहीं चाहता कि पुलिस की थोड़ी सी भी चूक देश के अंदर एक आग पैदा कर दें।


अमेरिका के जंगलों में बीते 100 साल की सबसे भयानक आग; हवाई में 93 मौतें, 2 हजार इमारतें जलीं

एरियल व्यू में माउई शहर में फैली आग के बाद खाक हुई बस्तियों को देखा जा सकता है। (क्रेडिट- BBC)

एरियल व्यू में माउई शहर में फैली आग के बाद खाक हुई बस्तियों को देखा जा सकता है। (क्रेडिट- BBC)

अमेरिका के हवाई राज्य में जंगलों में लगी आग की वजह से 93 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। ये अमेरिका के जंगलों में लगी पिछले 100 साल की सबसे भयानक आग है। माउई और लहायना जैसे शहरों में 2 हजार से ज्यादा इमारतें जल चुकी हैं।

 आग की वजह से हवाई में 49.77 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है। हर दिन करीब 15 हजार लोगों को घर छोड़ना पड़ा है। हवाई के कहुलुई एयरपोर्ट के एक रनवे को राहत सामग्री के लिए रिजर्व किया गया है।

अमेरिका के हवाई राज्य के जंगलों में लगी आग की वजह से 93 लोगों की मौत हो चुकी है। ये अमेरिका के जंगलों में लगी पिछले 100 साल की सबसे भयानक आग है। हवाई के गवर्नर जॉश ग्रीन ने आशंका जताई है कि मरने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। CNN के मुताबिक, गवर्नर ने बताया कि आग की वजह से हवाई में 49.77 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है।

माउई और लहायना जैसे शहरों में 2 हजार से ज्यादा बिल्डिंग्स जल चुकी हैं। गवर्नर ग्रीन के मुताबिक, हर दिन करीब 15 हजार लोगों को घर छोड़ना पड़ा है। वहीं जो लोग अब वापस लौट रहे हैं वो अपने जले हुए घरों को देखकर सदमे में हैं। हवाई के कहुलुई एयरपोर्ट के एक रनवे को राहत सामग्री के लिए रिजर्व कर दिया गया है।

फुटेज में माउई में फैली आग को देखा जा सकता है।

फुटेज में माउई में फैली आग को देखा जा सकता है।

माउई में 85% आग पर काबू
CNN के मुताबिक, अधिकारियों और रेस्क्यू वर्कर्स ने माउई में 85% आग पर काबू पा लिया है। वहीं लहायवा में पुलेहु के जंगलों में लगी आग भी 80% तक बुझाई जा चुकी है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, जंगलों की आग शहर के पेड़ों की जड़ों तक पहुंच चुकी है। हेलिकॉप्टरों से आग बुझाने के लिए पानी फेंके जाने के बावजुद जमीन के नीचे पेड़ों की जड़ें जल रही हैं, जिससे आग के फिर से फैलने का खतरा है।

इससे पहले कैलिफोर्निया में 2018 में लगी कैंप फायर की वजह से 85 लोगों की मौत हुई थी। इसमें करीब 18 हजार घर, बिल्डिंग्स और ऑफिस जल गए थे। आग की वजह से 1.53 लाख एकड़ का एरिया जल गया था।

15 तस्वीरों में देखिए हवाई के जंगलों में लगी आग का असर…

लहायना में समुद्र किनारे बसे घरों के पास अभी भी धुआं उठ रहा है।

लहायना में समुद्र किनारे बसे घरों के पास अभी भी धुआं उठ रहा है।

एरियस व्यू में लहायना शहर में आग से मची तबाही दिख रही है।

एरियस व्यू में लहायना शहर में आग से मची तबाही दिख रही है।

आग की वजह से कई कारें भी जलकर खाक हो गईं।

आग की वजह से कई कारें भी जलकर खाक हो गईं।

आग बुझने के बाद जले हुए घर से सामान निकालता व्यक्ति।

आग बुझने के बाद जले हुए घर से सामान निकालता व्यक्ति।

हवाई में आग की वजह से करीब 50 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है।

हवाई में आग की वजह से करीब 50 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है।

माउई में आग की वजह से दो मंजिला घर जल गया।

माउई में आग की वजह से दो मंजिला घर जल गया।

लहायना में आग की वजह से एक नाव भी पूरी तरह से तबाह हो गई।

लहायना में आग की वजह से एक नाव भी पूरी तरह से तबाह हो गई।

आग बुझाने के लिए हेलिकॉप्टर से हॉटस्पॉट्स पर पानी फेंका जा रहा है।

आग बुझाने के लिए हेलिकॉप्टर से हॉटस्पॉट्स पर पानी फेंका जा रहा है।

इस तस्वीर में आग हवाई में लगी आग नजर आ रही है।

इस तस्वीर में आग हवाई में लगी आग नजर आ रही है।

आग बुझने के बाद राहत कार्य में जुटे रेस्क्यू कर्मचारी।

आग बुझने के बाद राहत कार्य में जुटे रेस्क्यू कर्मचारी।

आग की वजह से हवाई में खजूर के पेड़ भी झुलस गए।

आग की वजह से हवाई में खजूर के पेड़ भी झुलस गए।

आग में सैकड़ों कारें, बस और दूसरी गाड़ियां भी जल गईं।

आग में सैकड़ों कारें, बस और दूसरी गाड़ियां भी जल गईं।

हवाई में आग की वजह से एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी जलकर खाक हो गया।

हवाई में आग की वजह से एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी जलकर खाक हो गया।

आग की वजह से जले घर के मलबे में टीवी और दूसरा सामान नजर आ रहा है।

आग की वजह से जले घर के मलबे में टीवी और दूसरा सामान नजर आ रहा है।

भारत से इम्पोर्ट हुआ 150 साल पुराना बरगद का पेड़ भी जला
इससे पहले गुरुवार को आग की वजह से भारत से इम्पोर्ट किया गया अमेरिका का सबसे बड़ा और 150 साल पुराना बरगद का पेड़ भी जल गया था। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, रेस्क्यू वर्कर्स अब तक सिर्फ 3% के इलाके तक ही पहुंच पाए हैं। इसकी वजह से आने वाले दिनों में मरने वाले लोगों का आंकड़ा तेजी से बढ़ने की आशंका है।

हवाई के जंगलों में लगी आग अब तक का सबसे बड़ नेचुरल डिजास्टर है।

हवाई के जंगलों में लगी आग अब तक का सबसे बड़ नेचुरल डिजास्टर है।

फुटेज शुक्रवार की है, जब हवाई में हेलिकॉप्टर से आग बुझाई जा रही थी।

फुटेज शुक्रवार की है, जब हवाई में हेलिकॉप्टर से आग बुझाई जा रही थी।

तस्वीर गुरुवार की है, जब लहायना शहर में कई घर आग की चपेट में आ गए थे।

तस्वीर गुरुवार की है, जब लहायना शहर में कई घर आग की चपेट में आ गए थे।

जानिए जंगल में आग लगती कैसे है…
कनाडा में जंगल की आग को बाढ़ के बाद सबसे बड़ी आपदा माना जाता है। जंगल की आग से हर साल 4 मिलियन स्कवायर किलोमीटर का इलाका जल जाता है। आग जलने के लिए हीट, ईंधन और ऑक्सीजन जरूरी होते हैं। जंगल में ऑक्सीजन हवा में ही मौजूद होती है। पेड़ों की सूखी टहनियां और पत्ते ईंधन का काम करते हैं। वहीं एक छोटी सी चिंगारी हीट का काम कर सकती है।

ज्यादातर आग गर्मी के मौसम में लगती है। इस मौसम में एक हल्की चिंगारी ही पूरे जंगल को आग की चपेट में लेने के लिए काफी होती है। ये चिंगारी पेड़ों की टहनियों के आपस में रगड़ खाने से या सूरज की तेज किरणें भी कई बार भड़क जाती हैं।

गर्मी में पेड़ों की टहनियां और शाखाएं सूख जाती हैं, जो आसानी से आग पकड़ लेती हैं। एक बार आग लगने पर इसे हवा बढ़ावा देती है। इसके अलावा प्राकृतिक रूप से बिजली गिरने, ज्वालामुखी और कोयले के जलने की वजह से भी जंगल में आग लग सकती है। फिलहाल तापमान में बढ़ोतरी को कनाडा में लगी आग की मुख्य वजह बताया जा रहा है।

मई में कनाडा के जंगल में भी लगी थी आग

मई में कनाडा के जंगलों में अब तक की सबसे भयानक आग लगी थी। यहां करीब सभी 10 प्रांतों और शहरों में इसका असर देखा गया था। इसमें करीब 33 हजार स्क्वायर किमी का क्षेत्र जल गया था। ये पिछले 10 साल के औसत से 13 गुना ज्यादा और बेल्जियम के कुल क्षेत्रफल से भी बड़ा है। इसकी वजह से 1 लाख 20 हजार से ज्यादा लोगों को घर छोड़ना पड़ा था।

कनाडा में जंगल की आग को बाढ़ के बाद सबसे बड़ी आपदा माना जाता है। जंगल की आग से हर साल 4 मिलियन स्कवायर किलोमीटर का इलाका जल जाता है। आग जलने के लिए हीट, ईंधन और ऑक्सीजन जरूरी होते हैं। जंगल में ऑक्सीजन हवा में ही मौजूद होती है। पेड़ों की सूखी टहनियां और पत्ते ईंधन का काम करते हैं। वहीं एक छोटी सी चिंगारी हीट का काम कर सकती है। 

ChatGPT की डेवलपर कंपनी अगले साल दिवालिया हो सकती है; रेवेन्यू न मिलने से बढ़ा घाटा
ChatGPT को डेवलप करने वाली कंपनी OpenAI अगले साल दिवालिया हो सकती है। एनालिटिक्स इंडिया मैगजीन ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि OpenAI हर दिन करीब ₹5.80 करोड़ खर्च कर रही है। पर इतना रेवेन्यू जेनरेट नहीं कर पा रही, जिससे लागत को कवर किया जा सके।

 OpenAI ने नवंबर 2022 में ChatGPT लॉन्च किया था। तब से मई 2023 तक कंपनी को करीब ₹4479 करोड़ का घाटा हो चुका है। वहीं इसके यूजर्स में भी गिरावट आ रही है। जुलाई 2023 में जून की तुलना में यूजर्स में 12% की गिरावट आई है। जुलाई में 1.7 बिलियन यूजर्स थे जो घटकर 1.5 बिलियन हो गए हैं।

पाकिस्तान में चीनी इंजीनियर्स पर आतंकी हमला; 4 इंजीनियर्स और 9 सैनिकों की मौत

पिछले साल कराची में एक फिदायीन हमले में चार चीनी महिला प्रोफेसर मारी गई थीं। (फाइल फोटो)

पिछले साल कराची में एक फिदायीन हमले में चार चीनी महिला प्रोफेसर मारी गई थीं। (फाइल फोटो)

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में चीनी इंजीनियर्स पर आतंकी हमला हुआ। हमले में 4 इंजीनियर, 9 पाकिस्तानी सैनिक और दो आतंकी मारे गए हैं। हमले में 27 लोग घायल भी हुए हैं। चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के एक थर्मल पावर प्रोजेक्ट के लिए यहां चीनी इंजीनियर मौजूद हैं।

बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने बयान जारी करके आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली है। आतंकी संगठनों को लगता है कि चीनी नागरिकों की वजह से उनकी कम्युनिटी या इलाकों को नुकसान हो रहा है और वो उनके रोजगार छीन रहे हैं। दो साल पहले भी यहां चीनी इंजीनियर्स पर फिदायीन हमला हुआ था। उसमें 9 इंजीनियर मारे गए थे।

जियो न्यूज के मुताबिक चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के एक थर्मल पावर प्रोजेक्ट के लिए यहां चीनी इंजीनियर मौजूद हैं। दो साल पहले भी यहां चीनी इंजीनियरों पर फिदायीन हमला हुआ था। उसमें 9 इंजीनियर मारे गए थे।

पाकिस्तान सरकार और फौज की तरफ से मरने वालों के बारे में ऑफिशियली कोई जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि पहले फौज ने दो आतंकियों के मारे जाने का दावा जरूर किया था। बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने बयान जारी करके आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली है।

मजीद ब्रिगेड ने दिया हमले को अंजाम
बलूचिस्तान में पहले भी फौज और चीन के टेक्निकल स्टाफ पर हमले होते रहे हैं। इस बार हुए हमले की जिम्मेदारी भी बलोच लिबरेशन आर्मी यानी (BLA) ने ली है। उसने सोशल मीडिया पर बयान जारी किया। कहा- रविवार को हुए हमले में हमारे दो शहीद शामिल थे। इनके नाम नवीद बलोच और खुदाबख्श उर्फ असलम बलोच हैं। दोनों ही तुरबत इलाके के रहने वाले थे। दोनों ही मजीद ब्रिगेड से ताल्लुक रखते हैं।

ये तस्वीर बलोच लिबरेशन आर्मी ने जारी की है। कहा गया है कि चीनी इंजीनियर इसी स्पेशल कार में सवार थे।

ये तस्वीर बलोच लिबरेशन आर्मी ने जारी की है। कहा गया है कि चीनी इंजीनियर इसी स्पेशल कार में सवार थे।

चीन के नागरिक ही टारगेट पर क्यों
जापान के अखबार ‘निक्केई एशिया’ ने पाकिस्तान में मौजूद चीनी नागरिकों और उनके कारोबार पर खतरे को लेकर एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन की थी। इसकी रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के तमाम आतंकी संगठन चीनी नागरिकों और उनके कारोबार या कंपनियों को ही निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। इसकी वजह यह है कि बीते 5 साल में यहां उनकी ताकत और रसूख बहुत तेजी से बढ़ा है। कई जगहों पर तो वो स्थानीय लोगों से भी ज्यादा ताकतवर हैं।

आतंकी संगठनों को लगता है कि चीनी नागरिकों की वजह से उनकी कम्युनिटी या इलाकों को नुकसान हो रहा है और वो उनके कारोबार छीन रहे हैं। शुरुआती तौर पर कराची और लाहौर जैसे इलाकों में चीनी नागरिकों के कारोबार और ऑफिसों पर हमले हुए। इसके बाद उनकी कंपनियों को टारगेट किया गया।

चीनी नागरिकों के लिए अलग प्रोटेक्शन यूनिट
2014 में पाकिस्तान सरकार ने चीन के नागरिकों की सिक्योरिटी के लिए स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट बनाई थी। इसमें 4 हजार से ज्यादा सिक्योरिटी ऑफिशियल्स शामिल हैं। ज्यादातर सिक्योरिटी अफसर फौज से ताल्लुक रखते हैं। ये यूनिट 7567 चीनी नागरिकों को स्पेशल सिक्योरिटी मुहैया कराती है। अकेले बलूचिस्तान में चीनी नागरिकों की 70 मल्टी स्टोरीज बिल्डिंग हैं। इसके अलावा 24 टेम्परेरी कैम्प भी हैं। इन सभी में चीन के वो अफसर और वर्कर रहते हैं जो CPEC से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।

रविवार को हमले के बाद बलोच लिबरेशन आर्मी ने यह बयान जारी किया।

रविवार को हमले के बाद बलोच लिबरेशन आर्मी ने यह बयान जारी किया।

सिक्योरिटी एजेंसीज पर चीन का दबाव

  • फरवरी में चीन की एम्बेसी ने एक बयान जारी कर पाकिस्तान में मौजूद अपने नागरिकों को सतर्क रहने को कहा था। एम्बेसी ने कहा था- चीन के नागरिकों पर आतंकी हमले का सबसे ज्यादा खतरा है। अगर बहुत जरूरी न हो तो वो पाकिस्तान छोड़कर चीन चले जाएं। इसके बाद कराची पुलिस ने माना था कि उस पर चीन की तरफ से सिक्योरिटी देने का दबाव डाला जा रहा है।
  • इसके बाद शाहबाज शरीफ सरकार ने चीन के नागरिकों से फिलहाल, कारोबार और दफ्तर बंद करने को कहा था। एक अफसर के मुताबिक सभी चीनी नागरिकों को सिक्योरिटी अलर्ट दिया गया है, लेकिन हम हर वक्त और हर चीनी नागरिक को सुरक्षा नहीं दे सकते। कराची, लाहौर और इस्लामाबाद में चीनी कारोबारियों ने बड़े-बड़े मार्केट तक बना लिए हैं। उनके यहां रेस्टोरेंट्स और होटल्स भी हैं।
  • खास बात ये है कि चीनी सिक्योरिटी का पूरा दारोमदार पाकिस्तान सरकार पर डाल देते हैं। अप्रैल 2022 में चीन की महिला प्रोफेसरों की वैन पर एक महिला फिदायीन ने हमला किया था। इसमें चार महिला प्रोफेसर मारी गईं थीं। 2020, 2018 और 2017 में भी चीनी नागरिकों पर हमले हो चुके हैं। एक आंकड़े के मुताबिक अलग-अलग हमलों में अब तक 23 चीनी नागरिक पाकिस्तान में मारे जा चुके हैं।
दो साल पहले चीनी इंजीनियरों की इस बस पर आतंकी हमला हुआ था। इसमें 9 चीनी इंजीनियर मारे गए थे। पाकिस्तान ने मामले को दबाना चाहा। इसे हादसा बताया, लेकिन चीन की जांच एजेंसी स्पॉट पर पहुंची और पाकिस्तान का झूठ पकड़ा गया।

दो साल पहले चीनी इंजीनियरों की इस बस पर आतंकी हमला हुआ था। इसमें 9 चीनी इंजीनियर मारे गए थे। पाकिस्तान ने मामले को दबाना चाहा। इसे हादसा बताया, लेकिन चीन की जांच एजेंसी स्पॉट पर पहुंची और पाकिस्तान का झूठ पकड़ा गया।

चीन परेशान क्यों

  • चीन ने करीब 60 अरब डॉलर पाकिस्तान में CPEC (चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर) पर खर्च करने का प्लान बनाया है। कई साल से यह प्रोजेक्ट चल रहा है और अब तक इस पर करीब 40 अरब डॉलर खर्च भी हो चुके हैं।
  • CPEC का बड़ा हिस्सा बलूचिस्तान प्रांत से गुजरता है। यहां बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) की हुकूमत चलती है और यह संगठन पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहा है।
  • पिछले साल BLA ने चीनी इंजीनियरों को दासू डैम प्रोजेक्ट साइट पर ले जा रही बस को उड़ा दिया था। इसमें 9 इंजीनियरों समेत कुल 13 लोग मारे गए थे। इसके बाद पिछले ही साल कराची यूनिवर्सिटी में चीन की महिला प्रोफेसरों की वैन पर BLA की महिला फिदायीन ने हमला किया था। इसमें 6 लोग मारे गए थे। इनमें से 5 चीनी थे। पेशावर और क्वेटा में चीनी अफसरों पर 4 हमले हुए। कुल 7 चीनी मारे गए।
  • चीन की दिक्कत इसलिए बढ़ गई है कि पाकिस्तान के सबसे खतरनाक आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी ने BLA से हाथ मिला लिया है। अब चीनियों पर खतरा कई गुना बढ़ गया है।
बलूचिस्तान में बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) की हुकूमत चलती है। यह संगठन पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहा है। रविवार को उसने जो बयान जारी किया, उसमें बताया गया कि इन दो आतंकियों ने हमले को अंजाम दिया।

बलूचिस्तान में बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) की हुकूमत चलती है। यह संगठन पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहा है। रविवार को उसने जो बयान जारी किया, उसमें बताया गया कि इन दो आतंकियों ने हमले को अंजाम दिया।

बलूचिस्तान और BLA

  • बलूचिस्तान के नागरिक 1947-1948 से ही खुद को पाकिस्तान का हिस्सा नहीं मानते। इसके बावजूद ये प्रांत किसी तरह पाकिस्तान के नक्शे पर मौजूद रहा। इन्हें दोयम दर्जे का नागरिक माना जाता रहा। पंजाब, सिंध या खैबर पख्तूनख्वा की तरह उन्हें कभी अपने जायज हक भी नहीं मिले। वक्त गुजरता रहा और इसके साथ ही इनका गुस्सा भी बढ़ता गया।
  • 1975 में तब के प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो एक रैली के लिए क्वेटा पहुंचे। यहां एक हैंड ग्रेनेड फटने से मजीद लांगो नाम के युवक की मौत हो गई। दावा किया गया कि यह भुट्टो को मारने आया था। वास्तव में BLA की नींव यहीं से पड़ी। मजीद के छोटे भाई का नाम भी मजीद ही था। वो 2011 में पाकिस्तानी फौज के हाथों मारा गया। इसके बाद BLA का एक अलग दस्ता तैयार हुआ और इसका नाम मजीद ब्रिगेड पड़ा।

मणिपुर के नौ और मामले CBI को

C‌BI मणिपुर हिंसा से जुड़े नौ और मामलों की जांच करेगी। इस तरह एजेंसी की ओर से जांच किए जाने वाले मामलों की संख्या बढ़कर 17 हो जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि हमारी जांच इन 17 मामलों तक सीमित नहीं होगी। महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े किसी अन्य मामले को प्राथमिकता के आधार पर हमें भेजा जा सकता है। (पीटीआई)

हिमाचल प्रदेश: बारिश के चलते स्‍कूल-कॉलेज बंद, परीक्षाएं रद्द

लगातार बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश के सभी स्कूल और कॉलेज 14 अगस्त को बंद रहेंगे। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने बीएड सहित स्नातकोत्तर कक्षाओं की चल रही सभी परीक्षाएं रद्द कर दीं।

‘हमारा देश भगोड़ों के छिपने की जगह नहीं’

ब्रिटेन के सुरक्षा मंत्री टॉम टुगेंडहट ने भगोड़े विजय माल्या और नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के सवाल पर कहा कि हमारा देश ऐसी जगह नहीं बनना चाहता, जहां लोग छिप सकें। प्रत्यर्पण संबंधी मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। टुगेंडहट G20 की बैठक में भाग लेने के लिए भारत में थे। (पीटीआई)

भारत से पाकिस्‍तान गई अंजू ने वहां से अपने देश को संदेश दिया है। नसरुल्‍ला के साथ मौजूद अंजू ने कहा, ‘सबको यही लग रहा है कि मैं आकर यहीं की तारीफ कर रही हूं। ऐसा नहीं है , जो है वही बता रही हूं। भारत भी खूबसूरत है और यह एक ही जमीन है। बॉर्डर तो बाद में बना है। मुझे भारत से प्‍यार नहीं है, ऐसा हरगिज नहीं है।’ उसने आगे कहा, ‘मैं इंडिया भी वापस जाऊंगी। अकेले भी जाऊंगी और साथ में भी जाऊंगी।’

प्रियंका गांधी को जेल में डाल दीजिए: मनोज झा

मध्य प्रदेश में प्रियंका गांधी वाड्रा, पूर्व सीएम कमल नाथ और अन्य के खिलाफ दर्ज FIR पर राजद सांसद मनोज झा ने कहा, ‘मुकदमा क्यों किया गया जेल में डाल दीजिए… इसका मतलब तो यही है कि आप कुछ भी कह सकते हैं। कल प्रधानमंत्री कहते हैं कि दरभंगा में AIIMS खुल गया। दूसरी बात यह कि अगर उनसे सवाल पूछ लिए जाए तो FIR हो जाता है, अगर व्यक्ति किसी सदन का सदस्य है तो उसकी सदस्यता चली जाती है। लोकतंत्र की आड़ में यह खतरनाक खेल हो रहा है, पहले ED, CBI से लेकर अब इस तरह के मुकदमों से प्रताड़ित करने की कोशिश हो रही है।’

‘जवान’ मूवी की क्लिप लीक

जवान मूवी की क्लिप को चुराकर सोशल मीडिया पर डालने के मामले में मुंबई पुलिस ने सांताक्रूज पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 379 और IT एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। आगे की जांच की जा रही है।

Ramswaroop Mantri

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