अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

श्रीलंका की बर्बादी के कारण बनाम भारत को सीख !

Share

निर्मल कुमार शर्मा

एक भारतीय कहावत है कि ‘अगर हमारे पड़ोसी का घर जलने लगे,तो हमारा परम् दायित्व और अभीष्ट कर्तव्य बन जाता है कि हमें और ज्यादे सावधान हो जाना चाहिए ताकि हमारे घर में भी आग लगने की स्थिति न पैदा हो जाए,उस स्थिति में हमें और अत्यधिक सावधानी की जरूरत हो जाती है कि हम ऐसी कोई ग़लती या काम न करें कि हमारे घर में भी आग लगने की जरा भी संभावना रह जाय ! ‘लेकिन भारत के वर्तमान समय में नई दिल्ली में केन्द्रीय सत्ता के कर्णधार श्रीलंका की बेहद लोमहर्षक और दु:खद घटनाओं से जरा भी सबक लेने को तैयार नहीं हैं !
श्रीलंका के वर्तमान राष्ट्रपति गोटाव्या राजपक्षे केवल 3साल पहले ही श्रीलंका की जनता को,विशेषकर वहां के बहुसंख्यक सिंहली बौद्धों को सिंगापुर जैसे सुखी,संपन्न और खुशहाल देश बना देने का सपना दिखाने का जुमलेबाजी कर रहे थे,इसके अलावे वहां के तमिल अल्पसंख्यकों को सत्ता में आ जाने के काल्पनिक खतरा आदि दिखाकर,उनके मनमस्तिष्क में धार्मिक और जातीय वैमनस्यता तथा घृणा के बीज बो रहे थे,फलस्वरूप वे भारतीय मूल के तमिल अल्पसंख्यकों के खिलाफ घृणा और नफ़रत के बीज बोकर बहुसंख्यक सिंहली बौद्धों के थोक वोटों के बल पर सत्तारूढ़ हो गए, लेकिन आमजनता,गरीबों,मजलूमों, मजदूरों,किसानों आदि आवाम को सिंगापुर जैसे विलासितापूर्ण जीवन जीने की कतई इच्छा नहीं होती,अपितु उक्त वर्णित आम जनता को ऐसे रोजगार या धंधे की न्यूनतम् जरूरत ही होती है कि कम से कम उसके परिवार को दो जून की रोटी,वस्त्र और एक अदद घर मिल जाय !
भारत में जिस प्रकार मुस्लिम,ईसाई, सिख,आदिवासी और बौद्ध अल्पसंख्यक हैं और हिन्दू बहुसंख्यक में हैं इसके ठीक विपरीत श्रीलंका में तमिल हिन्दू अल्पसंख्यक हैं और सिंहली बौद्ध बहुसंख्यक हैं ! जिस प्रकार भारत में इस दुनिया के सबसे बड़े आतंकवादी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दत्तक पुत्र बीजेपी ऐंड कंपनी सरकार द्वारा मुस्लिमों के प्रति अधिसंख्यक धर्मभीरू और मूढ़ हिन्दुओं के दिलोदिमाग में यह अनावश्यक और काल्पनिक दहशत व घृणा के भाव भरकर और यह कथित छद्म धारणा भरकर कि मोदीजी के सत्ता से हटते ही अल्पसंख्यक मुसलमान हिन्दुओं के घरों में घुस कर उनकी बहू-बेटियों को लूट ले जायेंगे, बलात्कार करने लगेंगे,मतलब जब तक कथित सबसे काबिल और बहादुर व्यक्तित्व के धनी मोदीजी सत्ता में हैं,तभी हिन्दू सुरक्षित रह सकते हैं,ठीक इसी प्रकार की बातें चुनाव पूर्व श्रीलंका में भी फैलाईं गईं थीं ! भारत में जैसे जनता की मूल समस्याओं जैसे भूख,गरीबीं,बेरोज़गारी,अशिक्षा, स्वास्थ्य आदि को बिल्कुल नेपथ्य में धकेलकर अपने प्रायोजित कार्यक्रमों मुसलमानों,ईसाइयों, बौद्धों,सिखों,आदिवासियों और दलितों के प्रति भयावह स्तर तक घृणा फैलाने का कुप्रयास सतत जारी है,ठीक यही हाल श्रीलंका के प्रभावशाली गोटाव्या राजपक्षे का भी रहा है,उसका परिणाम अब सामने है !
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसके दत्तक पुत्रों बीजेपी के कर्णधारों को सुप्रसिद्ध जनकवि अदम गोंडवी की निम्न विचारोत्तेजक कविता को अवश्य हृदयंगम करके इस समूचे देश को दंगों के दावानल में झोंकने को सोचना चाहिए..

“हिन्दू या मुस्लिम के अहसासात को मत छेड़िये..!
अपनी कुरसी के लिए जज्बात को मत छेड़िये.!

हममें कोई हूण, कोई शक, कोई मंगोल है
दफ़्न है जो बात,अब उस बात को मत छेड़िये..!

ग़र ग़लतियाँ बाबर की थीं; जुम्मन का घर फिर क्यों जले..?
ऐसे नाजुक वक्त में हालात को मत छेड़िये..!

हैं कहाँ हिटलर, हलाकू, जार या चंगेज़ ख़ाँ.?
मिट गये सब,क़ौम की औक़ात को मत
छेड़िये..!

छेड़िये इक जंग, मिल-जुल कर गरीबी के ख़िलाफ़
दोस्त, मेरे मजहबी नग्मात को मत छेड़िये..! “

    यह ऐतिहासिक सच्चाई है कि कथित लोकतांत्रिक पद्धति से ही सत्ता में आए सत्ता की मलाई काटने वाले एक नंबर है के ये झूठे, जुमलेबाज,विलासी मानसिकता के,चंद पूंजीपतियों के हितरक्षक,फासिस्ट विचारधारा के पोषक शासक इस गलतफहमी में जीते हैं कि वे उक्त वर्णित अपने अवगुणों और दुर्नीतियों के बल पर ही आम जनता को अपने बूंटों तले रौदते हुए, हजारों सालों तक अजर-अमर होकर सत्ता में रह सकने में पूर्णतया सक्षम हैं ! इस मामले में जर्मनी के दुर्दांत तानाशाह एडोल्फ हिटलर और उसका परम् प्रिय मित्र इटली का फासिस्ट तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है ! लेकिन वास्तविकता ये है कि जब जनता का गुस्से रूपी ज्वार अपने यौवन पर आता है तो ये बड़े-बड़े तानाशाह,उनकी ताकतवर सेनाएं,उनकी गुप्तचर संस्थाएं आदि भी ताश के पत्तों की तरह भरभराकर तुरंत बिखर जातीं हैं ! इटली के तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी के पतन के बाद वहां की जनता ने उसे खंभे पर उल्टा लटका कर अकथनीय तौर पर उसे अपमानित किया था, इस घटना से आतंकित और भयग्रस्त होकर कथित दुनिया का सबसे क्रूर और नरभक्षी तानाशाह एडोल्फ हिटलर तक भी इतना भयाक्रांत और इतना डर गया था कि उसने अपने अनुचरों को ये आदेश दिया था कि उसका मृत शरीर किसी भी सूरत में उसके दुश्मनों को नहीं मिलनी चाहिए,इसलिए उसके आत्महत्या करते ही तुरंत उसके मृत शरीर को पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी जाए ! और यही किया भी गया !
         आज अपने ही देश में वहां के भूतपूर्व राष्ट्रपति गोटाव्या राजपक्षे और उनके मंत्रीमंडल के अन्य मंत्रीगण जनता के भयंकर आक्रोश से बचने के लिए छिपते फिर रहे हैं,समाचारों के अनुसार श्रीलंका के भूतपूर्व राष्ट्रपति गोटाव्या राजपक्षे और उनके मंत्रीमंडल के अन्य मंत्रीगणों के आवासीय भवनों को जनता ने आग के हवाले कर दिया है ! उनके आवासीय भवन जलकर खाक हो चुके हैं !भारत की ही तरह श्रीलंका में भी अपने यार पूंजीपतियों को राहत देने के लिए कार्पोरेट टैक्स को घटा दिया गया था,जिससे सरकार का राजस्व एकदम घट गया,इसकी पूर्ति के लिए जनता की रोजमर्रा की जरूरत के सामानों की कीमत अनाप-शनाप बढ़ा दी गईं ! उदाहरणार्थ अधिसंख्यक श्रीलंकाईयों का मनपसंद भोजन चावल आज 500 रूपये प्रतिकिलो हो जाने की वजह से वहां की जनता 24घंटे में केवल एकबार खाना खाने को बाध्य हो गई है ! वहां के सरकार के कर्णधारों की फिजूलखर्ची और गलत नीतियों  से आर्थिक स्थिति की हालत इतनी खराब हो गई है कि कागज के अभाव में कालेजों की परीक्षाएं तक स्थगित करनी पड़ी रहीं हैं ! वहां की सरकार के पास कागज आयात करने तक के पैसों के लाले पड़ गए हैं !
         भारत और श्रीलंका के सत्तारूढ़ दलों की आर्थिक नीतियों में कोई खास फर्क नहीं है ! मोदी ऐंड कंपनी की निजीकरण की दुर्नीतियों की वजह भारत में भी बेरोज़गारी श्रीलंका की तरह ही पिछले 45वर्षों में अपने शीर्ष पर हैं परोक्षरूप से अब भारत भी श्रीलंका बन चुका है,कपटपूर्ण नीतियों के तहत मोदीजी की सरकार की दुर्नीतियों की वजह भूख,बेरोज़गारी,मंहगाई आदि के खिलाफ जनता सड़कों पर न उतरे इसलिए अपने पूंजीपति यारों की मदद से कालेधन की अकूत ताकत झोंककर धर्म के नाम पर देश भर में फूहड़ तरीके से काशीविश्वनाथ मंदिर और ताजमहल जैसे भारत के ऐतिहासिक स्थलों को नज़ीर बनाकर हिंदू-मुस्लिम दंगों को बढ़ावा देने की पुरजोर कोशिश की जा रही है ! हालांकि भारतीय जनता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ओर बीजेपी की इस धूर्ततापूर्ण कुकृत्यों को अब खूब ठीक से समझने लगी है,इसलिए बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को अपने राष्ट्रहंता और नापाक मंसूबों में पूर्ण सफलता नहीं मिल पा रही है ! हांलांकि हर क्षेत्र में असफल मोदी सरकार द्वारा अपनी असफलताओं और कुकर्मों को छिपाने के लिए एक धर्म विशेष के अनुयायियों मतलब मुस्लिमों के खिलाफ नफरत पूरे दमखम के साथ फैलाने की भरपूर कोशिश की जा रही है। इसके अलावे जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी, जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, जाधवपुर यूनिवर्सिटी,पंजाब यूनिवर्सिटी तथा बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी आदि में वामपंथी विचारधारा के छात्रों पर वहां के स्थानीय पुलिस के संरक्षण में बजरंग दल और श्रीराम सेना आदि के प्रशिक्षित गुंडों से इसलिए हमले करवाए जा रहे हैं ताकि इससे देशभर के बुद्धिजीवियों में वामपंथी विचारधारा के विरुद्ध नफरत पैदा की जा सके !
          श्रीलंका भारत की तुलना में क्षेत्रफल और आबादी के दृष्टिकोण से भी एक बहुत ही छोटा सा देश है ! श्रीलंका की आबादी मात्र 2.2करोड़ है,जबकि भारत की आबादी 140 करोड़ है,इस हिसाब से श्रीलंका भारत की आबादी से 63 वां भाग ही है,उसी प्रकार श्रीलंका का क्षेत्रफल 65610वर्ग किलोमीटर है और भारत का क्षेत्रफल 3287263 वर्ग किलोमीटर है,इस हिसाब से श्रीलंका भारत का 50वें हिस्से के बराबर है ! इस हिसाब से श्रीलंका भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम से भी छोटा है ! श्रीलंका की जीडीपी 613370 करोड़ रुपए है,जिसपर 111.40 प्रतिशत कर्ज है,जबकि भारत की जीडीपी 199.1लाख करोड़ रूपये हैं उसपर कर्ज 90.6 प्रतिशत कर्ज है ! इसका मतलब कर्ज प्रतिशत के हिसाब से श्रीलंका से भारत केवल 20.8 प्रतिशत ही पीछे है !
        प्रख्यात भारतीय भौतिकवादी दार्शनिक चार्वाक को बदनाम करने के लिए उनके बारे में इस देश के कुटिल धर्म और जाति के ठेकेदारों ने एक मनगढ़ंत मुहावरे का अविष्कार किया है कि चार्वाक ने कहा था कि ' कर्ज लो और घी पीओ ! ' इस बात में कितनी सच्चाई है मुझे नहीं पता, लेकिन वर्तमान समय के सत्ता के कर्णधार कुछ मुहावरे को जमकर क्रियान्वित कर रहे हैं ! उदाहरणार्थ 90.6 प्रतिशत तक कर्ज में डूबे,19.2करोड़ शाम को भूखे पेट सो जानेवाले  इस देश का कथित सदियों में पहली बार बना सबसे काबिल व्यक्तित्व का प्रधानमंत्री इस दुनिया के आर्थिक और सैन्य तौर पर सबसे अमीर और महाबली देश में अमेरिकी राष्ट्रपति की तर्ज़ पर सभी विलासितापूर्ण सुख भोगने के साधनों से संपन्न 85अरब रूपयों की कीमत के भारी-भरकम हवाई जहाज से दुनिया की सैर करता है !
           श्रीलंका की बर्बादी के लिए इकलौते चीन को दोषी ठहराने के लिए पश्चिमी मिडिया और भारत की दुम हिलाऊ गोदी मिडिया एड़ी-चोटी का जोर लगाई हुई है, लेकिन वास्तविकता इससे कोसों दूर है , हकीकत यह है कि अमेरिका द्वारा संचालित ग़रीब देशों को अपने कथित आर्थिक विकास करने के लिए जाल में फंसाकर उन देशों को दिवाला निकाल देने वाले वर्ल्ड बैंक और आइएमएफ जैसी कुख्यात संस्थान श्रीलंका के आर्थिक स्थिति बदहाल करन के लिए पूर्णतः जिम्मेदार हैं ! अपने दोष को छिपाने के लिए चीन के कंधे पर बंदूक रखकर चला देने की यह केवल अमेरिकी और पश्चिमी मिडिया की यह बेहद घटिया चिरपरिचित एक कुटिल चाल है !  
        इस देश के सभी प्रबुद्ध और वास्तविक देशहित चाहनेवाले लोगों की तो वर्तमान समय की सरकार के कर्णधारों से यही विनम्र और विनीत निवेदन है कि हर हाल में कर्ज लेकर इस देश के कर्णधारों को फिजूलखर्ची और विलासितापूर्ण जीवन व्यतीत करने के लोभ-लालच का परित्याग करने की भरसक कोशिश करनी ही चाहिए और इस देश को दंगों की अग्नि में झोंकने के कुकृत्यों की जगह इसके सम्पूर्ण आवाम की मूलभूत आवश्यकताओं यथा यहां सर्वव्याप्त भूख,गरीबी,अशिक्षा,बेरोज़गारी आदि समस्याओं को संजीदगी से हल करने की संजीदगी और ईमानदारी से प्रयास करने ही चाहिए,ताकि हमारे देश का भी हाल कहीं श्रीलंका जैसे न होने पाए ! सुप्रसिद्ध जन कवि संपत सरल जी के शब्दों में 'भारत विश्वगुरु,अध्यात्मिक गुरु बनने और श्रीलंका जैसे तबाही के मुहाने पर अभिशापित होने के लिए बस आउटर पर ही खड़ा है !'
       -निर्मल कुमार शर्मा 'गौरैया एवम् पर्यावरण संरक्षण तथा देश-विदेश के सुप्रतिष्ठित समाचार पत्र-पत्रिकाओं में वैज्ञानिक,सामाजिक, राजनैतिक,पर्यावरण आदि विषयों पर स्वतंत्र,निष्पक्ष,बेखौफ,आमजनहितैषी,न्यायोचित व समसामयिक लेखन,

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें