बबिता यादव
वासना, हवस, वाइल्ड सेक्स, अय्याशी, नशा, संस्कारहीन परवरिश, चरित्रहीन व्यक्तित्व, घटिया संगत.
बेटियां नहीं बम, एटम बम तैयार कर रही हैं माएं।
ज्यादातर महत्वकांक्षी माएं ऐसे ही अपनी बेटियों के अंदर एक संभावित अपराधी को पोषित कर रही हैं।
किसी बच्चे या व्यक्ति के अंदर कोई गलत महत्वाकांक्षा भर दीजिए, नैतिकता, नीति को बकवास समझा दीजिए. फिर उसके बेईमान और अपराधी बनने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।
लड़कों के बाद आधुनिक, अय्याशी, नशे, वासना की ये बीमारी इसी तरह लड़कियों को जकड़ रही है। गलत तरह के लड़के ऐसे ही लड़की को अपना शिकार बनाते हैं और उनको जेहादी बनाकर उनके पतियों के मर्डर करवाते हैं।
पहले लड़कियों को जेठ, जेठानी, नंद, देवर वाला परिवार नहीं चाहिए था। फिर बिना सास ससुर वाला ससुराल की डिमांड चालू हुई। संपत्ति चाहिए लेकिन सास ससुर नहीं चाहिए।
फिर बॉय फ्रेंड्स के बाद वाला पति चाहिए था, फिर पति के साथ बॉय फ्रेंड भी चाहिए वाली इच्छा जागी। फिर बॉय फ्रेंड बेड पर लेटा हो और पति दोनों के लिए पैग बनाकर लाए ऐसे पति की चाहत का दौर चालू हो गया और अब बॉय फ्रेंड चाहिए.
पति की संपत्ति चाहिए लेकिन पति नहीं चाहिए। या तो तलाक देकर पैसा छीनकर अय्याशी करो या फिर पति को कत्ल ही करवा दो। ये है नए दौर की मासूम लकड़ियों की महत्वकांक्षा।
मेरी बात बुरी लग रही होगी है ना?
जिनके खुद के बेटे, भतीजे, भाई हों वो नारीवादी महिलाएं क्या अपने घर में ऐसी ही बहुएं, भाभियां चाहेंगी? नहीं ना? तो फिर ऐसे अपराध के खिलाफ बोलने में मुंह क्यों सिल जाता है आपका?
17 दिन बाद, सोनम रघुवंशी, यूपी के गाज़ीपुर में जीवित मिली है और बदनाम मेघालय को कर दिया। सोनम सहित राजा रघुवंशी के तीन हत्यारे भी गिरफ्तार हुए हैं।
अगर तुम्हें किसी से प्यार था और तुम में किसी का मर्डर करने का दुस्साहस था तो अपने बाप के सामने साहस के साथ क्यों नहीं खड़ी हुई कि मैं अन्य लड़के से शादी नहीं करूंगी।
लेकिन नहीं. तुमको अपने कई बॉय फ्रेंड्स में एक इस बॉय फ्रेंड् के कहने से उस लड़के से शादी भी करनी थी और उसका मोटा माल भी समेटना था।
अपने नकारा बॉयफ्रेंड के साथ हराम में अय्याशी करने के लिए कितनी बड़ी साजिश की।
हिम्मत देखिए, लड़के की मां को झूठा फोन भी किया, अच्छी बातें की.. ताकि शक न हो और खुद ही बेदर्दी से मरवा दिया। कितनी घटिया परवरिश रही होगी उस लड़की की।
शादी करके तलाक देकर, झूठे केस करके पैसा ऐंठने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है। अब तो मासूम लड़कियां बड़ी बेरहमी, बेदर्दी से अपने पतियों की हत्याएं कर रही हैं। ये नारीवाद का नया फैशन है।
ऐ नारीवादी महिलाओं, ये पति किसी जंगल के जीव या कुर्बानी के बकरे नहीं, आप जैसी महिलाओं के बेटे, भाई ही हैं.
पर गाली देती, नंगई करती और देखती पीढ़ी से आप क्या उम्मीद करेंगे.





