अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

बदलेगा जेईई एडवांस्ड में होने वाले हैं कुछ बड़े बदलाव, साल में 2-3 बार हो सकता है एग्जाम

Share

जेईई एडवांस्ड परीक्षा में कुछ बड़े बदलाव होने वाले हैं. परीक्षा साल में दो-तीन बार हो सकती है और परीक्षा पैटर्न भी बदल सकता है. आईआईटी के विशेषज्ञ छह महीने में इसका रोडमैप बनाकर सरकार को देंगे.

जेईई एडवांस्ड परीक्षा के पैटर्न में बदलाव हो सकता है. केंद्र सरकार इसकी तैयारी कर रही है. नए पैटर्न में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स के साथ एप्टीट्यूड प्रश्न भी शामिल होंगे. रिपोर्ट के अनुसार, ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड (JAB) की देखरेख में आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल की अध्यक्षता में आईआईटी विशषज्ञ छह महीने में जेईई एडवांस रिफॉर्म का रोडमैप बनाकर देंगे. उसके बाद पायलट रिजल्ट और विश्लेषण के आधार पर चरणबद्ध तरीके से कार्ययोजना लागू की जाएगी.

रिपोर्ट के अनुसार, जेईई मे की तरह एडवांस्ड भी साल में तीन-चार बार आयोजित की जाएगी. अभी यह साल में एक बार ही होती है. साथ ही परीक्षा एक से अधिक दिन अलग-अलग स्लॉट में आयोजित करने की तैयारी है.

कम होंगे PCM के प्रश्न

जेईई एडवांस्ड परीक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के प्रश्न पूछे जाते हैं. नए पैटर्न में एप्टीट्यूड केा भी शामिल करने की तैयारी है. अगर ऐसा होता है तो PCM प्रश्नों की संख्या कम हो सकती है. एप्टीट्यूड प्रश्न पूछे जाने का मकसद छात्र की तार्किक क्षमता, गणितीय कौशल और समस्या समाधान की क्षमता को परखना है. इससे परीक्षा का कड़ा स्तर थोड़ा आसान होगा. नए पैटर्न में परीक्षा में विषयों की बजाए क्रिटिकल थिंकिंग और स्किल को उभारना है.

क्यों पैटर्न बदलने की जरूरत पड़ी?

नई शिक्षा नीति में परीक्षाओं का तनाव कम करने की सिफारिश की गई है. इसलिए पैटर्न बदला जा रहा है. इससे छात्रों की कोचिंग पर निर्भरता कम होगी. बता दें कि आईआईटी में करीब 19000 सीटें हैं और परीक्षा में करीब डेढ़ से दो लाख छात्र शामिल होते हैं.

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें