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*पथरी चट कर जाता है पत्थरचट्टा* 

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          डॉ. नीलम ज्योति

  पत्थरचट्टा को प्रकृति का अनमोल उपहार कहा जाता है. इसे चमत्कारी पौधा कहा जाता हैं. यह पौधा सदियों से आयुर्वेद में अपनी जगह बनाये हुए हैं. यह न केवल अपनी हरी-भरी पत्तियों से घर को सजाता है बल्कि सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान भी देता है। पथरी को तो यह चट ही कर जाता है. इसका नामकरण भी इसी सच का अर्थ देता है.

पत्थरचट्टा का इस्तेमाल मूलत: इन बीमारियों में किया जाता हैं~

1. गुर्दे की पथरी :

पत्थरचट्टा गुर्दे की पथरी को घोलने में मदद कर सकता हैं, खासकर कैल्शियम ऑक्सालेट से बनी पथरी को। इसमें सैपोनिन होते हैं, जो शरीर से पथरी को बाहर निकालने में मदद करते हैं।

2. पाचन तंत्र :

पत्थरचट्टा के पौधे में विटामिन और खनिज होते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं। पत्थरचट्टा एसिडिटी और सीने में जलन जैसी पाचन समस्याओं में भी मदद करता हैं।

3. प्रतिरक्षा प्रणाली :

पत्थरचट्टा के पौधे में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं और प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ बनाते हैं।

4. त्वचा और बाल :

पत्थरचट्टा के पौधे में विटामिन और खनिज होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने में मदद करते है और बालों को भी मजबूत और स्वस्थ बनाते हैं।

5. मधुमेह :

पत्थरचट्टा के पौधे में मधुमेह रोधी गुण होते हैं जो मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। यह पौधा रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने और मधुमेह के लक्षणों को कम करने में मदद करता हैं।

6. लीवर :

पत्थरचट्टा लीवर को साफ और उसके कार्य को बेहतर बनाने में मदद करता हैं।

7. घाव :

पत्थरचट्टा के पत्तों का लेप घाव और चोटों पर लगाने से जल्दी ठीक होते हैं।

8. वजन प्रबंधन :

पत्थरचट्टा के रस में कैलोरी कम होती हैं और यह वजन घटाने या उसे बनाये रखने में मदद करता हैं।

9. श्वसन समस्या:

पत्थरचट्टा खांसी और अस्थमा जैसी श्वसन संबधित समस्याओं में मदद कर सकता है। पत्थरचट्टा दांत दर्द और मसूड़ों की सूजन और उपचार में मदद कर सकता है।

*सेवन कैसे करें :*

आप पत्थरचट्टा के पत्तों को उबालकर काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। यदि आपको इसका स्वाद अच्छा नहीं लगता हैं तो आप काढ़े में थोड़ा सा शहद मिलाकर पी सकते हैं। 

      इसका जूस या लेप बनाकर भी उपयोग कर सकते हैं।

  *पौधा लगाना और केयर :*

पत्थरचट्टा का पौधा आप नर्सरी से खरीदकर लगा सकते हैं, इसे बीजों के अलावा पत्तों से भी उगा सकते हैं। पत्थरचट्टा को उगाने के लिए पॉटिंग मिक्स तैयार करने के लिए 50% मिट्टी, 30% वर्मीकम्पोस्ट और 20% रेत का इस्तेमाल करें। 

     पत्थरचट्टा के पौधे को रोजाना कम से कम 4-5 घंटे धूप की जरूरत होती हैं। पौधे में पानी तभी डालें जब इसकी मिट्टी एक-तिहाई भाग तक सूखी दिखें। हर दो महीने में एक बार खाद अवश्य दें। (चेतना विकास मिशन).

Ramswaroop Mantri

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