रिया यादव
बहुत बार किसी किताब को पढ़ने, कोई खास कार्य करने या रोज़मर्रा की गतिविधियों पर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास अधूरा लगने लगता है।
ऐसी स्थिति में मन यहां वहां कई ओर भटकने लगता है और चाहकर भी ध्यान केंद्रित नहीं हो पाता। दरअसल, एकाग्रता की कमी इस समस्या का कारण साबित होती है, जिसका असर व्यक्ति की ग्रोथ और कार्यक्षमता पर दिखने लगता है। ऐसे में एकाग्रता को बढ़ाना बेहद ज़रूरी है।
*एकाग्रता किसे कहते है?*
एकाग्रता किसी चीज़ पर केंद्रित करने की उस क्षमता है को कहते है, जो व्यक्ति के अपने हाथ में
होती है। मानसिक स्वास्थ्य को उचित बनाए रखने के लिए एकाग्रता आवश्यक है। इससे किसी भी कार्य को सीखने या करने में मदद मिलती है और कार्य की कुशलता में भी सुधार आने लगता है।
हांलाकि कुछ लोग एकाग्रता को ध्यान समझने लगते हैं। मगर ध्यान का मकसद किसी कार्य पर ध्यान क्रेंद्रित करने की क्षमता को इंप्रूव करना है।
दिनों दिन काम का बढ़ता प्रेशर नींद की कमी की कारण साबित होता है। वहीं कई कारणों से एकाग्रता की क्षमता कम होने लगती हैं। इसके चलते याददाश्त कमज़ोर होने लगती है। जीवनशैली में सुधार करने समेत कई टिप्स की मदद से इस समस्या को हल किया जा सकता है।
*1. ब्रेन गेम्स :*
हर वक्त काम में मसरूफ रहने से व्यक्ति तनाव और एंग्ज़ाइटी का शिकार होने लगता है। ऐसे में सुडोकू, क्रॉसवर्ड, बुक रीडिंग, पहेलियां और मेमोरी गेम की मदद ली जा सकती है। इससे एकाग्रता में सुधार करने में मदद मिलती है।
दिनभर में 15 मिनट से लेकर 30 घंटा इन गेम्स में बिताने से याद रखने की क्षमता बढ़ जाती है।
*2. नियमित ब्रेक :*
बर्नआउट से बचने के लिए कार्य के दौरान छोटे छोटे ब्रेक लें, जिससे माइंड रिलैक्स हो जाता है और एकाग्रता में सुधार आने लगता हैं। इससे कार्य के दौरान होने वाली थकान से भी राहत मिल जाती है। साथ ही ध्यान केंद्रित करने में भी मदद मिलती है। वे लोग जो ब्रेन को रिलैक्स रखते है, उनकी वर्क प्रोडक्टिविटी में सुधार आने लगता है।
*3. पर्याप्त नींद :*
नींद की कमी एकाग्रता की कमी का कारण साबित होती है। व्यस्त दिनचर्या के कारण शरीर को होने वाली थकान से बचाने के लिए रात में 7 से 9 घंटे की भरपूर नींद लें। इससे शरीर में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ने लगता है। साथ ही पूरी नींद लेने से स्किन को भी फायदा मिलता है।
*4. हाइड्रेटेड रहें और हेल्दी मील लें :*
खाद्य पदार्थों का एकाग्रता और याददाश्त पर सीधा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ, अतिरिक्त चीनी और बहुत चिकना या ऑयली खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। एकाग्रता बढ़ाने के लिए मछली, अंडे, ब्लूबेरी और पालक जैसे खाद्य पदार्थ अधिक खाने का प्रयास करें। साथ ही शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए भरपूर मात्रा में पानी पीएं।
*5. टाइम मैनेजमेंट :*
सभी कार्यों को समय पर करने के लिए टूडू लिस्ट तैयार कर लें। इससे सभी कार्यों को समय पर पूरा करने से टाइम मैनेजमेंट में मदद मिलती है, जिससे एकाग्रता में सुधार आने लगता है। साथ ही आज के कार्य को कल पर टालने से बचें। अपनी कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए उक दिन पहले अगले दिन के कार्यों की लिस्ट तैयार कर लें।
*6. माइंडफुलनेस का अभ्यास :*
माइंडफुलनेस से सांसों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है। साथ ही मन में उठने वाले विचारों से राहत मिलने लगती है। इसमें गहरी साँस लेने की तकनीकों के साथ एकाग्रता क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। इससे हमारे ब्रेन को बेहतर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है।
*7. वर्कआउट :*
नियमित रूप से व्यायाम करने से शरीर में ब्लड का सर्कुलेशन बढ़ने लगता है, जिससे ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ जाता है। इससे शरीर दिनभर एक्टिव और हेल्दी रहता है। इसके लिए कोर एक्सरसाइज़ करें, जिससे मांसपेशियों में खिंचाव बढ़ता है और शरीर स्वस्थ बना रहता है।





