प्यार एक खूबसूरत एहसास है, लेकिन जब ये विकृत रूप ले लेता है, तो कई जिंदगियां तबाह हो जाती हैं। युवाओं में ‘ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर’ (OLD) देखा जाना आम बात है, लेकिन एक मेडिकल कंडिशन ऐसी भी जहां शादीशुदा महिला को प्यार हो जाता है। कई मामलों में वो इस प्यार के खुमार में इतना आगे निकल जाती हैं कि पति और बच्चों को भी नजर-अंदाज करने लगती हैं। इस स्थिति में मनचले पुरुष उनका फायदा भी उठा सकते हैं। शादीशुदा महिला को जब ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर हो जाता है, तो क्या होता है इसके बारे में बता रहे हैं सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. राजन भोसले।
पता ही नहीं चला कब उसे बॉस से प्यार हो गया
सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. राजन भोसले ने हमें एक ऐसी पढ़ी-लिखी वर्किंग वुमन का केस बताया, जिसे ये समझ ही नहीं आया कि उसका आकर्षण प्यार नहीं, बल्कि एक मनोरोग है। महिला की उम्र 41 वर्ष थी। घर में पति और दो कॉलेज जाने बच्चे थे। महिला लंबे समय से उस ऑफिस में काम कर रही थी। बॉस उसके काम से बहुत खुश थे। अचानक महिला बॉस को बेवजह के मैसेज करने लगी। मैसेज में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं होता था इसलिए बॉस ने उन्हें नजर-अंदाज किया, लेकिन उसके मैसेजेस का सिलसिला लगातार बढ़ने लगा था।
बॉस अब उसे नोटिस करने लगा था
बॉस ने सोचा, शायद उसकी पर्सनल लाइफ में कोई परेशानी होगी इसलिए वो ऐसे मैसेज कर रही है। बॉस ने उसे केबिन में बुलाकर पूछा कि उसकी जिंदगी में कोई परेशानी तो नहीं है। अगर वो उसके लिए कुछ कर सके, तो उन्हें खुशी होगी। महिला ने ‘ना’ में जवाब देते हुए बॉस का शुक्रिया अदा किया। बॉस ने सोचा, अब वह मैसेज नहीं करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। महिला के मैसेज और ज्यादा बढ़ने लगे थे। वो बॉस के नजदीक रहने के बहाने ढूंढती रहती थी। बहाने से उन्हें छूने की कोशिश करती थी। हद तो तब हो गई जब महिला रात दो बजे भी बॉस को मैसेज करने लगी थी। अब बॉस के लिए सहना मुश्किल हो गया था।

पति ने बताया बीवी का सच
बॉस महिला को जानते थे इसलिए उन्होंने उसे एक मौका देना चाहा। वे अपना एक अच्छा कर्मचारी खोना नहीं चाहते थे। अगले दिन बॉस ने रिसेप्शनिस्ट से कहकर महिला के पति को फोन किया और उन्हें उसके मैसेज के बारे में बताया। अगले दिन, बॉस ने रिसेप्शनिस्ट से कहकर महिला के पति को फोन किया और उन्हें उसकी हरकतों के बारे में बताया। पति से बात करने पर पता चला कि महिला कई दिनों से खोई-खोई रहती है। घंटों अकेले में खुद से बातें करती है। पति और बच्चों पर ध्यान नहीं दे रही है। पति को भी बीवी का ये व्यवहार अजीब लग रहा था।
जब राज खुला तो सब हैरान रह गए
बॉस ने महिला के पति को उसे डॉक्टर को दिखाने के लिए कहा। पति ने जब डॉ. राजन भोसले से संपर्क किया, तो पता चला महिला ये सब जान बूझकर नहीं कर रही है। दरअसल, वह ‘ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर’ की शिकार है। 41 वर्ष की शादीशुदा महिला को यह मनोरोग होना किसी के गले नहीं उतर रहा था। जब केस हिस्ट्री निकाली गई, तो पता चला कि बचपन में उसे पिता का प्यार नहीं मिल पाया था। उसके पेरेंट्स के बीच हमेशा अनबन रहती थी। पिता अक्सर टूर पर रहते थे। वह महिला हमेशा अपने पिता के प्यार के लिए तरसती रही। फिर जब वो इस ऑफिस में आई, तो बॉस में उसे अपने पिता की छवि नजर आई। उनका सानिध्य पाने के लिए वो उन्हें मैसेज करने लगी। बार-बार उनके करीब जाने के बहाने ढूंढने लगी।
हर महिला खुशनसीब नहीं होती
डॉ. राजन भोसले कहते हैं, “वो महिला खुशनसीब थी कि उसके बॉस और पति ने उनकी मेंटल कंडीशन को समझा और सही समय पर उसका इलाज शुरू कर दिया। ट्रीटमेंट के बाद महिला ठीक हो गई और अब वो उसी ऑफिस में काम कर रही है। उसकी पर्सनल लाइफ भी पहले की तरह नॉर्मल हो गई है, लेकिन हर महिला खुशनसीब नहीं होती। ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर की शिकार कई महिलाओं को पता नहीं चल पाता कि उन्हें मनोरोग है। जिस पुरुष के प्रति वो आकर्षित होती हैं, जरूरी नहीं कि वो उसकी स्थिति को समझे। कई मनचले पुरुष ऐसी महिलाओं का फायदा उठाकर उनके शरीर से खेलते हैं और बाद में उन्हें विक्षिप्त अवस्था में छोड़ देते हैं। ऐसी महिलाओं की पर्सनल लाइफ भी खराब हो जाती है और ट्रीटमेंट के अभाव में उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ती चली जाती है।”

अपने मन को समझें
डॉ. भोसले के अनुसार, शादीशुदा महिलाओं में ‘ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर’ के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे उनकी मैरिड लाइफ डिस्टर्ब हो जाती है। इस मनोरोग में महिला का खुद पर कंट्रोल नहीं रहता और वह अनजाने में ही अपने से बड़ी उम्र के पुरुष के प्रति आकर्षित हो जाती है। धीरे-धीरे यह आकर्षण इतना बढ़ने लगता है कि महिला अपने परिवार पर ध्यान देना छोड़ देती है। वह हर समय ‘उस’ पुरुष के साथ रहना चाहती है। ऐसी स्थिति में महिला को काउंसलिंग और ट्रीटमेंट की जरूरत होती है, वरना उसके साथ कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है। महिलाओं के लिए ये जानना जरूरी है कि यदि उन्हें अपने व्यवहार में अचानक कोई बदलाव दिखाई दे, तो उन्हें इसे नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। यदि मन बेलगाम होकर किसी के आकर्षण में बंधा चला जा रहा है, तो इसके बारे में अपने किसी करीबी को बताएं। यदि आप खुद स्थिति को नहीं संभाल पा रही हैं, तो काउंसलर की मदद लें।





